कितने सेब?-Motivational Story Hindi

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Motivational Story Hindi:एक टीचर एक बच्चे को maths पढ़ा रहे थे।उस टीचर ने उस बच्चे से पूछा “अगर में तुम्हे एक सेब दू,फिर एक और सेब दू फिर एक और सेब दू तो तुम्हारे पास टोटल कितने सेब हो जायेंगे?”

उस बच्चे ने कुछ देर तक सोचा और अपने उंगकियो पर गिनने लगा।कुछ देर में उसने उत्तर दिया “चार”.

यह सुन टीचर थोड़े निराश हो गए,टीचर मन में सोचने लगे यह तो कोई भी बता सकता था।शायद बच्चे ने अच्छे से सुना नहीं।

और एक बार फिर उस टीचर ने उस बच्ची से वही प्रश्न किया “ध्यान से सुनो- अगर में एक सेब तुम्हें दू,एक और सेब दू,और एक आखरी सेब दू तब तुम्हारे पास कितने सेब हो जायेंगे?”

कितने सेब?-Motivational Story Hindi
कितने सेब?-Motivational Story Hindi

वह बच्चा टीचर जी का चेहरा देखके समझ चुका था की टीचर जी उसके उत्तर से ख़ुश नहीं है इसलिए वह फिर से सोचते हुये अपनी उंगलियों पर गिनती करने लगा और यह भी सोचने लगा की टीचर जी को ऐसा क्या बताऊँ की टीचर जी खुश हो जाये।अब उसके दिमाग में ये नहीं था कि उत्तर सही हो बस यही था कि टीचर जी खुश हो जाये।

पर अन्ततः बहुत देर तक सोचने के बाद उसने फिर वही उतार दिया “टीचर जी चार”

एक बार फिर से टीचर जी निराश हो गए।टीचर जी को अचानक से याद आया की बच्चे को आम बोहोत पसंद है शायद बच्चे को सेब पसंद ना होने के कारण वह अपना focus loose कर दे रहा हो।

अब टीचर जी ने फिर से प्रश्न किया “ये बतावो अगर में तुम्हे एक आम दू,फिर एक आम दू और एक आखरी आम दू तब तुम्हारे पास कितने आम हो जायेंगे?”

बच्चे ने अपनी उंगलियों पर गिनती करते हुए बोला “तीन”.

यह सुन टीचर जी ख़ुश हो गए।उनका तरीका काम कर गया था।टीचर को लगा की अब बच्चा समझ चूका है और अब वो किसी भो प्रश्न का उत्तर दे सकता है।

अब फिर से पहला वाला प्रश्न दोहराते हुए टीचर ने कहा “अच्छा बेटा अब बतावो,में तुम्हें एक सेब दू,फिर एक और सेब दू और एक आखरी सेब दू तब तुम्हारे पास कुल कितने सेब हो जायेंगे?”

पिछला प्रश्न सही पड़ने के कारण उसका आत्मविस्वाश बढ़ चूका था इसलिए वह झट से बोला “चार”

यह सुन टीचर जी बड़े क्रोधित हो उठे और क्रोध में बोले “तुम्हारे पास दिमाग नहीं है क्या…जरा मुझे भी बताओ कि चार सेब कैसे हुये?”

टीचर को क्रोदित देख बच्चा डर गया और टूटते हुए आवाज़ में बोला “क्योंकि मेरे बेग में पहले से एक सेब है।”

दोस्तों, कई बार ऐसा होता है कि सामने वाले का जवाब हमारे अनुकूल नहीं होता।उस वक़्त हम अपना temper loose कर बैठते है।दोस्तों जरुरत इस बात की है कि उसके इस उत्तर देने के पीछे उसके logic को समझे।भीन-भीन माहौल में पले बड़े होने के कारण सबका देखने और उसका उत्तर देने का वजह अलग अलग होता है।इसलिए अगली बार जब आपको किसी प्रश्न का उत्तर अटपटा मिले तो उस पर क्रोधित होने के बजाय उस आदमी के उत्तर देने के कारण पूछे।और यह भी सोच लीजियेगा की कही ऐसा तो नहीं की आप भी उस छुपे हुए सेब को नहीं देख पा रहे है।


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14 COMMENTS

  1. Wow what a great story I want to say thanks to website admin your are creating awesome stories and I really appreciate for it

  2. बहुत ही सुन्दर | आपकी motivational स्टोरीज की में फेन हो गई हूँ |
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  3. दोस्त बहुत अच्छी कहानी है सच मे दिल को छू गयी❤❤❤

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